February 18th, 2021

moj lik

Мои санскритские стихи: 16.01.2021--30.01.2021



Стихи, написанные во второй половины января 2021 г.

रुजाविकारा विनिवृत्तयो रुजां
वियुक्तयोगोऽपि समस्तविग्रहः ।
जनप्रयाणं भुवि भूतसम्भव-
स्तथा हि संसारसृतिर्दुरत्यया ॥ Collapse )
moj lik

Мои санскритские стихи: 31.01.21--14.02.21



Стихи, написанные с конца января 21 г. до середины февраля 2021.

ॐ । श्रीः॥
बिडालकानां जननीति कीर्तिता
तथा विनम्रौतुगणस्य सेविका ।
सुवाक्प्रिया यापि सुधीसुताऽऽहृता
नमामि तां जन्मदिने गुणान्विताम्॥

इति शिवम्॥ Collapse )